"असरार-ए-समंदर"
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"असरार-ए-समंदर"
कविता
"असरार-ए-समंदर".....जो बतलाये गहराई अंतस की ,हर पीड़ा उस नक़ाब के पीछे की एक समंदर है राज़ बनकर मैं भी
: Shivam Bhatt "साहित्य"
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