स्मृतियां
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स्मृतियां
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
तुम्हारे जाने से जिंदगी जैसे थम सी गई है , रही तो सिर्फ स्मृतियां , वो पल भर का तुम्हारा मिलना , और पल भर में बिछड़ जाना , सताते रहता है मुझे , तुम्हारी स्मृतियों को मेरे हवाले कर दिया गया है , कभी तुम्हारा मुस्कुराना ,
: Mahima
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