स्मृतियाँ
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स्मृतियाँ
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
स्मृतियाँ ही तो हैं, जो हमें भुला नहीं पातीं — जब पूरी दुनिया हमें भूल चुकी होती है।
: Slient girl
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