खामोशियों का जिक्र
Added Successfully to library!
खामोशियों का जिक्र
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
कुछ खामोशियों का जिक्र नहीं किया जाता हैं , कुछ बातें दिल में दबाकर रखा नही जा सकता है दिल आज भी तुम्हारा दीदार चाहता है , तुम्हारी लबों पे मुस्कान के खातिर वो तुम पर मर मिटना चाहता है , बहुत हसीन हो तुम मेरे ख्वाबों की तरह ,
: Mahima
Add To Library
42
Views
5
Ratings
1 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप