गाव का बाजार
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गाव का बाजार
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
टोकरी में सब्ज़ियाँ, हाथों में आस, हर चेहरे पर दिखे मेहनत की मिठास। लकड़ी के ठेलों पर सपने सजे, कहीं गुढ़ की डलियाँ, कहीं चूड़ियाँ बजे।
: Writer Dev
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