बिखरते रिश्ते
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बिखरते रिश्ते
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
छोटे नहीं थे वो ख्वाब जो तूने तोड़ दिए, तेरे एक फैसले ने मुझे ज़माने से जोड़ दिया। अब हर मुस्कान के पीछे इक साया रोता है, ज़माना देखता है चेहरा — कोई दिल नहीं पूछता है।
लेखक : Erica
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