बस के आने का इंतजार कर रही वाणी जो दिखने में बहुत सुंदर सी , रेड कलर की कुर्ती और जींस पहने हुए , कॉलेज के लास्ट ईयर में थी , वो बार - बार घड़ी में देख रही और पास में खड़ी उसकी दोस्त मीठी से बोली , " तेरे चक्कर में आज फिर से बस मिस हो गई , अगली बस को आने अभी 15 मिनट लगेंगे , और कॉलेज पहुंचने में देर हो जाएगी , फिर क्लास भी मिस हो जाएंगे , वरुण सर बैंड बजा देंगे , वैसे भी वो कुछ ज्यादा ही खडूस हैं ।"
" हां यार ये बात तो है , लेकिन क्या करूं , मेरी मां की वजह से देर हो गई .... अब ये देखो मौसम भी बहुत खुशनुमा हो गया है , बारिश शुरू हो गई और इस बारिश के मौसम में भींगना कितना अच्छा लगता है , आई लव बारिश ।" मीठी मुस्कुराते हुए बोल रही थी , लेकिन वाणी उसकी तरफ देखते हुए बोली, " मुझे नहीं पसंद ये बारिश का मौसम अब क्योंकि ये बारिश मुझे उसकी याद दिलाती है जिसे मैं अब याद नहीं करना चाहती हूं , वो पहली बारिश याद आती हैं जब मेरी उससे मुलाकात हुई थी और मैं उसे चाहकर भी उस दिन को नहीं भूल पाई हूं ।"
वाणी के आंखों में उदासी छाई हुई थी जैसे उसके साथ अच्छा नहीं हुआ हो ।
" देख लेना वाणी जिस दिन तुझे तेरा प्यार मिलेगा उस दिन तुझे इस बारिश से भी प्यार हो जाएगा और वो जल्द ही होगा ।"
दोनो बात कर रहे थे, इतने में बस आई और बैठकर चली गई , बारिश की बूंदे बरस रही थी जो रुकने का नाम नहीं ले रही थी , शाम होने को आई , वाणी फिर से बोली , " कहा था न मुझे ये बारिश बिल्कुल नहीं पसंद है , अब घर कब जाएंगे , तेरी वजह से फिर से देर हो गई मुझे , मां इंतजार कर रही होगी ।"
मीठी , वाणी का हाथ पकड़ कर उसे सड़क के बीचों बीच ले आई और बारिश में भींगने को कहा , लेकिन वाणी गुस्से में बोली , " मुझे अब नहीं पसंद है ये सब तू समझती क्यों नहीं है , मुझे नहीं रहना है यहां ।"
जैसे ही वाणी आगे बढ़ रही थी , बारिश की बूंदे उस पर गिरी और जैसे वो फिर से खिल उठी हो, वो अनकहा सा , अनछुआ सा एहसास ,उसके रोम रोम में ऐसे बसा ,
जैसे प्यार की पहली बारिश में भींग रही हो , मन समुंद्र से भी गहरा हो गया , वहीं बस स्टैंड के पास एक लड़का बारिश की तन्हा अकेली शाम में खड़ा होकर इंतजार कर रहा था किसी का ,जैसे उसे कहीं जाने में देर हो रही हो ,उसकी उदास सी आंखों में फिर से चमक आ गई थी जब उसने बारिश में भींगते हुए वाणी को देखा , उसकी नजरें उस पर ही टिक गई थी , उसका दिल फिर से एक बार धड़क उठा , वो आगे बढ़ कर सड़क पर आया और वाणी के सामने खड़ा हो गया , वाणी को तो अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था कि आज सालों बाद इसी बारिश में जिससे बिछड़ी थी आज वो उसके आंखों के सामने है , वो उसे देखकर जाने लगी तो वो लड़का उसका हाथ पकड़कर रोकते हुए बोला , " मैने अपना वादा निभाया , बहुत इंतजार कराया न लेकिन देर से ही सही मैने वादा नहीं तोड़ा। "
मीठी दूर खड़ी उस लड़के को देखकर खुद से बोली , " आकाश , ये वापस आ गया , मैने कहा था वाणी तुझे तेरा प्यार जरूर मिलेगा और इस बारिश के मौसम से एक बार फिर से प्यार हो जायेगा ।"
वाणी अपने हाथ छुड़ाते हुए बोली , " वादा तो निभाया