बदलते रिश्ते खोते लम्हे
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बदलते रिश्ते खोते लम्हे
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
यह कविता रिश्तों में आई दूरी और समय के साथ बदले हुए भावनात्मक हालत को दर्शाती है पहले जैसा अपनापन बातचीत मुलाकातें अब नहीं रही। लोग साथ होते हुए भी दिल से दूर है सब कुछ जैसे खो सा गया है
लेखक : dil_seee_shayriii
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