कुछ सपने होते हैं जो आँखों में पलते हैं, धुंधले, कभी पूरे न होने वाले। और कुछ ऐसे होते हैं जो किसी और की आँखों में पलकर हमारी ज़िंदगी बन जाते हैं, हमारे होने का अर्थ। यह कहानी है एक ऐसी माँ की, जिसके नाम में ही समूचे ब्रह्मांड का स्वप्न समाया हुआ था... एक ऐसी माँ जिसका नाम 'सपना' था।