तपता सूरज
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तपता सूरज
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
फिर भी सूरज रुकता कब है, हर दिन आता, चमक दिखाता। अपने ताप से जीवन देता, अन्न-पदार्थ सभी उपजाता।
: Writer Dev
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