हर खुशी तुम से है

client-img

हर खुशी तुम से है


यह कविता प्रिय व्यक्ति के महत्व को दर्शाती है। कवि कहता है कि हर सुबह और शाम उनकी उपस्थिति से ही सुहानी और पूरी लगती है। उनकी हँसी कवि के हर खुशी का कारण है और वे हर दुख में सहारा बनते हैं। कवि के सपने और जीवन उन्हीं से रोशन हैं। उनकी तुलना फूलों के रंग, हवा की खुशबू और सावन की बारिश से की गई है। हर छोटी-बड़ी खुशी में वे शामिल हैं और गम में रोशनी का सागर बनते हैं। रिश्तों की डोर उनसे अटूट है और प्यार की गहराई उन्हीं से मिलती है। कवि को विश्वास है कि वे हमेशा उनका साथ देंगे, जिससे हर मुश्किल आसान लगती है। अंत में, कवि कहता है कि उनका जीवन प्रिय व्यक्ति से ही पूरा है और हर खुशी उनसे ही है, इसलिए यह बंधन हमेशा बना रहे।
: Simple Human

19

Views

5

Ratings

1 Min

Duration


  • लाइब्रेरी

  • श्रेणी

  • लिखे

  • अपडेट

  • शॉप