दुखी जीवन

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दुखी जीवन


यह कविता एक ऐसे व्यक्ति की भावनाओं को दर्शाती है जो जीवन के दुखों और निराशाओं में डूबा हुआ है। उसके लिए जीवन की हर राह अंधेरे से भरी है, जहाँ हँसी सिर्फ़ एक बीती याद बन गई है और आँसू उसकी पहचान। टूटे सपनों, मजबूर रिश्तों और खोए अपनों की पीड़ा उसे अंदर तक तोड़ चुकी है। वह खुद को अकेला, सुना और थका हुआ महसूस करता है। हालाँकि कविता के अंत में एक हल्की सी आशा की किरण भी झलकती है कि शायद जीवन के किसी मोड़ पर उजाला मिले, लेकिन अब तक उसका साथ केवल अंधेरे और दर्द ने ही निभाया है। यह रचना मानवीय वेदना, टूटे सपनों और निराश जीवन की गहराई को बहुत संवेदनशीलता से दर्शाती है।
: Wishcard Sangeeta

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