नारी
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नारी
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
तुम अबला नहीं , तुम तो दुर्गा का स्वरूप हो , नारी तुम तो सबसे सर्वोपरि, सर्वगुण सम्पन्न हो , दुर्गा बनकर महिषासुर का वध किया , कभी राधा बनकर प्रेम में त्याग करना सिखाया , मीरा सा प्रेम में खुद को न्योछावर किया ,
: Mahima
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