“हाउस वाइफ” एक साधारण गृहिणी नीलू की असाधारण यात्रा है, जो रसोई और बच्चों के बीच अपनी खोई हुई पहचान को फिर से तलाशती है। यह कहानी दिखाती है कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती और एक हाउस वाइफ भी खुद के लिए कुछ कर सकती है—बस उसे ज़रा सा भरोसा चाहिए, खुद पर।