बनारस में चाय की दुकान चलाने वाले रमेश को एक रहस्यमय ताबीज़ मिलता है। कला के विद्वान प्रोफेसर विक्रम बताते हैं कि यह प्राचीन है और भाग्य व समृद्धि ला सकता है, लेकिन बुरे इरादे से इस्तेमाल करने पर चेतावनी भी देता है। रमेश मंत्र का जाप करता है और अप्रत्याशित रूप से उसे एक पुरानी हवेली का प्रबंधक बनने का प्रस्ताव मिलता है, जिससे उसकी ज़िंदगी बदल जाती है। यह कहानी दिखाती है कि किस्मत कब और कैसे बदल जाए कोई नहीं जानता, बस सही इरादे और मौके को पहचानना ज़रूरी है।