हार नहीं मानूंगा
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हार नहीं मानूंगा
कविता
कविता
अंधेरे जितने गहरे होंगे, उतने ही दीप उजाले देंगे। संघर्षों से घबराना कैसा, चलना है तो थक जाना कैसा?
: Writer Dev
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