मातृ दिवस (स्वच्छिक)
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मातृ दिवस (स्वच्छिक)
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
तेरे आँचल में है चाँदनी की बात, तेरे बिना लगता है सब कुछ सूना, विरातl हर दर्द को तूने मुस्कुरा के सहा, मुझे हँसता देख, तूने हर आँसू बहा।
: rani
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