देशभक्त
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देशभक्त
दैनिक प्रतियोगिता
आर्मी
सीमा की बर्फ़ीली रातों में जो जागता हूँ, कभी सिपाही बन, कभी एक शब्दों में आग भरता हूँ। कलम से भी लड़ता हूँ, बंदूक से भी, देश की मिट्टी से जन्मा हूँ, यही मेरा धर्म है, यही मेरी खुशी।
लेखक : rani
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