यह कविता "दोस्ती की डोरी" उस अनमोल रिश्ते को समर्पित है जो बिना किसी शर्त, बिना किसी स्वार्थ के जुड़ता है — दोस्ती। सरल शब्दों में बुनी गई यह रचना दर्शाती है कि एक सच्चा दोस्त न केवल सुख-दुख का साथी होता है, बल्कि जीवन के हर मोड़ पर आशा की रोशनी भी बन जाता है।