एक गलती
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एक गलती
दैनिक प्रतियोगिता
कविता सीरीज
इस कविता में महिला अपनी मोहब्बत और उसमें में मिली बेवफाई को याद करती है। वो आज भी दर्द में है। और जीने की इच्छा ख़त्म होते हुए भी जी रही है या कहे तो ज़िंदगी काट रही है।
: dil_seee_shayriii
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