मेरा क्या कसूर है
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मेरा क्या कसूर है
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
गलतफहमी के शिकार में तुमने मुझे रुला दिया , मेरा क्या कसूर है , जो मुझे ये सिला दिया , न तेरी गलती थी , ना मुझसे कोई भूल हुई , इन हालातों ने मुझे तेरा दुश्मन बना दिया , ये कसूर मेरा है , खुद से ज्यादा परवाह की तेरी
: Mahima
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