मैं नदी हूं
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मैं नदी हूं
कविता
कविता
कभी उफनती, कभी शांति सी, मेरे संग है हर कहानी सी, दुःख-सुख सब बह जाते मुझमें, मैं जीवन की धारा ज्ञानी सी।
: Writer Dev
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