"जज़्बात"
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"जज़्बात"
कविता
अनकहे जज़्बात ज़िन्दगी में खामोशी पहरा दिए , मैं मौन हूं फिजाओं में बहकर साहिल सहरा करते मंजिले
: Shivam Bhatt "साहित्य"
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