तुम अब वो नहीं
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तुम अब वो नहीं
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
खुद से बाते करने वालों को लोग पागल कहते है। जिससे डरकर मैंने खुद से बाते करना बंद कर दिया। फिर किसी दिन मेरे भीतर से एक आवाज आई और बोली –
: Trivesh
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