अमायरा, जो बचपन से ही मां-बाप के बिना बड़ी हुई थी, अपने चाचा-चाची के घर एक बोझ बन कर रह गई थी। पैसों की लालच में उसके चाचा-चाची उसकी शादी एक अमीर मगर मानसिक रूप से अस्थिर लड़के से कर देते हैं। अमायरा के सपनों और आवाज को दबा कर उसे एक ऐसे रिश्ते में धकेल दिया जाता है, जहां उसे न सिर्फ खुद को संभालना है, बल्कि उस टूटे हुए दिल और मासूम लड़के को भी समझना है, जिसे दुनिया ने 'पागल' कह कर छोड़ दिया है। एक अनजाना बंधन, जो बेआवाज़ होते हुए भी धीरे-धीरे एक नई कहानी लिखने वाला है।