बुढ़ापा

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बुढ़ापा


यह कविता बुढ़ापे की भावनात्मक और यथार्थपूर्ण तस्वीर पेश करती है। इसमें एक वृद्ध व्यक्ति की एकाकी ज़िंदगी, उसकी स्मृतियाँ, शारीरिक दुर्बलता और अपनों की उपेक्षा को मार्मिक ढंग से व्यक्त किया गया है। कविता बताती है कि बुढ़ापा जीवन का अंत नहीं, बल्कि अनुभवों से भरा एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसे समझना और सम्मान देना चाहिए। यह रचना बुजुर्गों की उपेक्षा न करके उन्हें प्यार, सम्मान और समय देने का संदेश देती है।
: Wishcard Sangeeta

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