यह कविता समाज में हो रहे बेटा बेटी के बीच के भेदभाव को दर्शाती है। यह कविता बताती है कि कैसे बेटों को हर चीज की आजादी है वहीं बेटियों को मर्यादा में रहना सिखाया जाता है
इस कविता में यह संदेश है कि हमें बेटे बेटियों में कोई फर्क नहीं करना चाहिए दोनों को बराबर का हक़ देना चाहिए।