आइना
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आइना
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
आईना मेरा हमराज़ है, हर ख्वाब का आवाज़ है। जो समझ ले उसे, वही राही बनता, वरना ये रास्ता भी हर किसी से अनकहा रह जाता।
: Erica
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