हिमाचल प्रदेश की घनी वादियों में, अल्मोड़ा के पास बसा एक पुराना गाँव... बाहर से शांत, मगर अंदर से एक रहस्य और डर की परतों में लिपटा हुआ। उस गाँव में सालों से एक नाम दबे सुरों में लिया जाता है—मोहिनी।
एक डायन, जिसकी उम्र कभी नहीं बढ़ती... क्योंकि वो दूसरों की उम्र खा जाती है। कहते हैं, उसकी आँखों से झाँकता है मौत का काला जादू। उसका ठिकाना आज तक कोई नहीं जान पाया।
जब गाँववालों की तकलीफ बढ़ गई, तब उन्होंने रिवा वंश की एक रहस्यमयी औरत को बुलाया। उसने मोहिनी की शक्तियाँ छीन लीं और उसे एक सुनसान, पुराने किले में क़ैद कर दिया।
लेकिन कहानी वहीं खत्म नहीं हुई...
मोहिनी तो कैद हो गई, पर उसका वंश—दावंश—अब भी इस दुनिया में आज़ाद घूम रहा है। उन्हीं में से एक है नील—एक रहस्यमयी इंसान, जो इस कहानी का एहम हिस्सा है। लेकिन उसके अंदर क्या छुपा है, ये सिर्फ वक्त ही बताएगा।
और दूसरी तरफ है अधिरा—एक मासूम, सीधी-सादी लड़की जो अब उस दुनिया की दहलीज़ पर खड़ी है, जिसके बारे में उसे कोई अंदाज़ा भी नहीं।
जब नील और अधिरा आमने-सामने आएंगे, तब जागेंगे पुराने राज, और शुरू होगी एक ऐसी कहानी… जिसमें मोहब्बत भी होगी, मौत का साया भी।