बदलता मौसम
Added Successfully to library!
बदलता मौसम
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
ये बदलता मौसम अजीब सा है। कभी किसी को रुलाता टोह कभी किसी को हंसा देता। अजीब सा नशा है मौसम में क्योंकि ना जाने यह मौसम कब क्या कर डालता है।
लेखक : Aamir
Add To Library
25
Views
5
Ratings
1 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप