स्पर्श की छाया
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स्पर्श की छाया
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
स्पर्श उसका यादों में महसूस हुआ, सुबह तक जो पराया था, शाम तक वो महबूब हुआ।
: Nidhi s
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