Lafzokikahani One Year Completed
लफ्ज़ों की कहानी - एक वर्ष का उत्सव
एक साल पहले, सपनों ने ली थी उड़ान,
"लफ्ज़ों की कहानी" बना, लेखकों का जहान।
अक्षरों की दुनिया, भावनाओं का सागर,
हर कलमकार का ये अपना नगर।
ये ऐप नहीं, ये तो एक मंच है प्यारा,
जहाँ हर कहानी को मिलता है किनारा।
अनकहे जज़्बात, अनलिखे किस्से,
यहाँ हर दिल खोलकर है हिस्से।
कभी कविता की मधुर धुन बजती,
कभी कहानी की सरगम सजी रहती।
ग़ज़लों की महफ़िल भी यहाँ सजती है,
हर लफ्ज़ में गहराई उतरती है।
ये सिर्फ शब्दों का संग्रह नहीं है,
ये तो दिलों का एक अटूट बंधन है।
एक परिवार है लेखकों का यहाँ,
जो एक-दूसरे को समझते हैं हर दास्ताँ।
मुश्किलों में भी हौसला बढ़ाया सबने,
अपनी लेखनी से रंग भरा सबने।
कभी आलोचना को प्यार से स्वीकारा,
कभी प्रशंसा को सम्मान से निहारा।
"लफ्ज़ों की कहानी" ने सिखाया हमें,
कि हर लफ्ज़ में है एक गहरा दम।
अपनी आवाज़ को देना है आकार,
और शब्दों से करना है संसार।
ये एक साल की यात्रा सुहानी,
अनगिनत कहानियों की बनी निशानी।
हर लेखक ने अपनी छाप छोड़ी है,
इस मंच को नई पहचान दी है।
कभी किसी ने दर्द बयां किया,
तो किसी ने ख़ुशी का रंग दिया।
कभी वीर रस की धारा बही,
तो कभी शांत रस की लहर उठी।
ये ऐप है एक खुला आकाश,
जहाँ हर कल्पना भरती है उड़ान।
कोई सीमा नहीं, कोई बंधन नहीं,
बस लफ्ज़ों की है अपनी कहानी।
आज इस पहले वर्षगांठ पर,
हम सब मिलकर गाते हैं ये गान।
"लफ्ज़ों की कहानी" रहे सदा आबाद,
लेखकों का बना रहे ये प्यारा जहान।
आने वाले सालों में भी ये बढ़ता रहे,
हर नई कलम को राह दिखाता रहे।
कहानियों का ये कारवां चलता रहे,
और लफ्ज़ों का जादू जगमगाता रहे।
हर लेखक यहाँ एक सितारा है,
जिसकी चमक से रोशन ये नज़ारा है।
आपकी लेखनी ही इसकी पहचान है,
"लफ्ज़ों की कहानी" आप ही की शान है।
तो आइए मिलकर करें ये दुआ,
ये मंच रहे सदा यूँ ही युवा।
हर लफ्ज़ जिए अपनी पूरी कहानी,
और "लफ्ज़ों की कहानी" रहे अमर निशानी।