मेरे लफ्जों की कहानी
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मेरे लफ्जों की कहानी
दैनिक प्रतियोगिता
छोटी कहानियां
"लफ्जों की कहानी" एक भावनात्मक सफर है दो आत्माओं का, जो लफ्ज़ों के ज़रिए जुड़े थे, मगर वक्त और खामोशी ने उन्हें जुदा कर दिया। यह कहानी बताती है कि कभी-कभी अधूरे लफ्ज़ भी पूरी ज़िंदगी का मतलब बदल सकते हैं, बस उन्हें वक्त पर कह देना ज़रूरी होता है।
लेखक : विजय सांगा
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