खुदा देख रहा है
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खुदा देख रहा है
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
यह कविता "ख़ुदा देख रहा है" एक भावनात्मक अभिव्यक्ति है, जो हमें याद दिलाती है कि ईश्वर हर पल हमारे साथ है। हमारे छुपे हुए दर्द, अनकहे जज़्बात और हर अच्छे-बुरे कर्म को वह देखता है। यह कविता विश्वास, आत्मचिंतन और ईमानदारी का संदेश देती है।
: विजय सांगा
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