सही कहते हैं, जैसा करोगे वैसा भरोगे। ये तब की बात है, जब बैंगलोर मे कुछ अमीरजादों की मस्ती के चलते कई परिवारों ने अपनी खुशियां हमेशा के लिए खो दी। कई परिवार तबाह हो गए। रहीस होने की वजह से कोई उनका कुछ बिगाड़ नहीं पाता था। लेकिन एक दिन कोई ऐसा आया जिसने उन्हें उनके गुनाहों की सजा दी। लेकिन ये कौन था ये कभी किसी को पता नहीं चल पाया।