एक ऐसी लड़की जिसके बड़े-बड़े सपने थे, पर परिवार की ज़िम्मेदारियों के चलते उसने अपने ख्वाबों को कुर्बान कर दिया। उसने अपने मन की इच्छाओं को दबाकर दूसरों के लिए जीना चुना। अब वो खामोशी से अपनी ज़िंदगी जी रही है, पर उसके दिल में आज भी उन अधूरे सपनों की टीस बाकी है।