काश – वो जिंदा होती।
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काश – वो जिंदा होती।
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
काश उसके डर को मैं पढ़ पाता, उसके दिल की हर धड़कन को समझ पाता। उसके टूटते हौसलों में, मैं उम्मीद की रौशनी जगा पाता।
: Erica
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