नहीं कर सकता तुझसे बड़े–बड़े वादे,
नहीं सजा सकता तुम्हारे सपनों के आशियाने।
मैं तो फ़ौजी हूं।
लौट आऊंगा के नहीं क्या पता,
फिर कैसे लग जाऊं तुझ पर हक जताने।
मैं नहीं कहता मुझसे प्यार करना,
नहीं कहता मेरा इंतेज़ार करना,
मैं तो फ़ौजी हूं,
कब आखिरी सांस लेनी पड़ जाएं क्या पता,
मैं नहीं कहता मेरे लिए अपनी जिंदगी बर्बाद करना।
मैं तो माटी से बना हूं,
माटी में ही मिल जाऊंगा।
देश के लिए ही जन्मा था,
देश के लिए ही मिट जाऊंगा।
धरती माँ के खातिर ही अपना हर फ़र्ज़ निभाऊंगा।
तू मत रहना मेरे भरोसे,
मैं इस जन्म में तो तेरा ना हो पाऊंगा.....।।।