तुम औरत हो भूल क्यों जाती हो
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तुम औरत हो भूल क्यों जाती हो
कविता
कविता
औरत हो तुम ये भूल क्यों जाती हो , तुम चाहे कितनी भी आगे बढ़ क्यों न जाओ , तुम्हे मुझसे पीछे ही रहना है , मै मर्द हूं ये मत भूलो मै जो चाहें वो कर सकता हूं , मांग तुम्हारा है लेकिन इसे सजाया मैने है ,
: Mahima
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