"सजा" एक संघर्ष, न्याय और साहस की कहानी है। अर्जुन, जिसे अन्याय के कारण अपने ही गांव से निकाला गया था, वर्षों तक जंगल में रहकर अपनी ताकत और बुद्धि को निखारता है। जब वह वापस लौटता है, तो उसे अपने गांव में चौधरी वंशीधर के आतंक का सामना करना पड़ता है। अर्जुन गांववालों को संगठित करता है और अत्याचार के खिलाफ विद्रोह करता है। वह न केवल अपनी ताकत से बल्कि धैर्य और रणनीति से चौधरी का सामना करता है। अंततः, अर्जुन अपने संघर्ष और निडरता से गांव को अन्याय से मुक्त कराता है और एक नई सुबह की शुरुआत करता है।
यह कहानी दिखाती है कि असली ताकत केवल बल में नहीं, बल्कि धैर्य, साहस और एकता में होती है।