जब भी कोई इश्क, मोहब्बत या प्यार करने की बात करता है तो उसे लोग अक्सर उन्हें जिगर मुरादाबादी की कही एक शेर सुनने को मिलता है ,,,,,, 'ये इश्क़ नहीं आसान इतना ही समझ लीजे, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है' दरिया दुनिया है और दिल दरिया पार करने के बाद की मंजिल , ये वो मंजिल है जो एक बार इंसान उसे पा ले तो हमेशा हमेशा के लिए सुकून पा ले , क्या ये सुकून आर्यन और इशिका पा पायेंगे?,जिन्हें एक दूसरे से बेशुमार इश्क है और इसी बेशुमार इश्क के लिए इशिका ऐसा कदम उठाती जिससे दोनो का इश्क ही उनका दुश्मन बन जाता है जो दोनो को अलग कर देता है। ऐसा कौन सा कदम उठाया इशिका ने जानने के लिए पढ़िए मेरी नई कहानी पहेली "बेशुमार इश्क" सिर्फ और सिर्फ लफ्जो की कहानी पर।