नफरत और गुस्से की आग में जल रहा है.. अर्धांग सिंह राठौड़, क्रुएल हार्टेड गुस्सैल, माफिया डॉन हैं.. और बिजनेसमैन है... वहीं दूसरी और है शिवांगी जो की मासूम और किंड हार्टेड है... वैसे तो उसे डांस करना बहुत पसंद था मगर पैसे से वह म्यूजिक थैरेपिस्ट थी... मतलब आपने गाने से लोगों को इमोशनली कनेक्ट करती थी उनकी जिंदगी में सुधार लाने की कोशिश करती थी.. प्रयागराज में वह अपने बाबा के साथ रहती थी जो कि उसके पापा की दोस्त और प्रयागराज के एक बहुत बड़े पंडित थे.. जिसके कारण उनकी जो भी फाइनल डॉक्यूमेंट वगैरह सब थे वह सब शिवांगी ही देखती करती थी.. लेकिन होता कुछ ऐसा है की अर्धांग और ईशा दोनों है इस अरेंज मैरिज जैसे शादी के बंधन में बंद हो जाते हैं.. उनकी शाद एक बिज़नेस डील की वजह से होती है जो की पंडित जी और अर्धांग आपके पापा के बीच होती है.... क्या होगा जब दोनों अलग पर्सनालिटी अर्धांग और शिवांगी एक दूसरे से टकराएंगे.. क्या दोनों अरेंज मैरिज को एक्सेप्ट कर पाएंगे... आईए जानते हैं नफरत और मोहब्बत के जंग में कौन जीतता हैं... जानने के लिए पढ़िए, "Bound by hatred