कहते हैं, बेटियाँ भगवान का सबसे प्यारा उपहार होती हैं। लेकिन इस उपहार को पाने वाले कई लोग इसे बोझ समझते हैं। यह कहानी एक ऐसी बेटी की है, जो अपने जीवन में हर पल समाज से लड़ती रही, अपनों से प्यार पाने के लिए तरसती रही, और अंत में एक ही प्रण लेकर इस दुनिया से चली गई— "अगर पुनर्जन्म हुआ, तो मैं बेटी नहीं बनूंगी।"