कहते है जब भी कुछ ग़लत होता है तो हम अपनी क़िस्मत को कोसने लगते हैं लेकिन तब क्या हो जब क़िस्मत ही अपने भाग्य को कोसने लगे ! ये कहानी है क़िस्मत की जो सबका भाग्य लिखती थी लेकिन एक दिन उसने अपनी भाग्य किताब में किसी की जल्दी मृत्युं लिख दी और चित्रगुप्त को सौंप दी ! उसके बाद यमराज ने क़िस्मत को श्राप दे दिया ! अब से 21st सेंचुरी में तुम्हें इंसानी जीवन जीना होगा और साथ में ही अपनों के मरने का दुख सहना होगा ? लेकिन तब क्या हो जब क़िस्मत 21 स्वी शताब्दी में जन्म तो लेगी लेकिन साथ में वो क़ैद हो जाएगी ! क्या होगा जब क़िस्मत की क़िस्मत में क़ैद होना लिखा होगा वो भी दूसरे वर्ल्ड के नर्क देव से ! क्या होगा जब मोहिनी और नियति क़िस्मत को बचाने की कोशिश करेंगी ! या फिर वो ख़ुद श्राप लेकर धरती पर आ जायेंगी ? जानने के लिए पढ़ते रहिए : connection with kismat