पुरुष का हृदय
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पुरुष का हृदय
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
स्त्री के अश्रु दिख जाते हैं मगर एक पुरुष के आंसु दिखाई नही देते हैं। वो नारियल की कठोर और भीतर से नरम होता हैं। पढ़िए मेरी आज की कविता... आंचल गुप्ता ✍️....
लेखक : Anchal Gupta
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