शर्व्या सिंह एक fearless और Strong journalist, जिसने हमेशा सच्चाई को अपना हथियार बनाया है। अपनी बुद्धिमत्ता और बेबाकी से वो समाज की परवाह किए बिना आगे बढ़ती है। लेकिन जब एक बड़े बिजनेस स्कैंडल की तहकीकात उसे सीधे सूर्यांश गोयल तक ले जाती है, तो उसकी ज़िंदगी एक नई दिशा में मुड़ जाती है।
सूर्यांश गोयल, 28 साल का एक सफल और Impressive business man, जिसने अपनी मेहनत से अपनी पहचान बनाई है। लेकिन उसकी ज़िंदगी में एक गहरा खालीपन है—अपनी पत्नी को खोने का दर्द और दो साल के बेटे, व्योम की परवरिश की चिंता। परिवार का दबाव बढ़ता जा रहा है कि वो दोबारा शादी करे ताकि व्योम को मां का प्यार मिल सके, लेकिन सूर्यांश के लिए प्यार अब एक भूला-बिसरा एहसास बन चुका है।
शर्व्या और सूर्यांश की मुलाकात एक साधारण घटना नहीं होती—बल्कि ये एक ऐसी कहानी की शुरुआत होती है, जिसमें प्यार हैं। शर्व्या का मासूम व्योम से जुड़ाव सूर्यांश के दिल को पिघलाने लगता है, और धीरे-धीरे उसकी कठोर भावनाओं में नरमी आने लगती है।
लेकिन क्या सूर्यांश अपने अतीत को पीछे छोड़कर नए रिश्ते को अपनाने के लिए तैयार होगा? और क्या शर्व्या, जिसने हमेशा अपनी आज़ादी को सबसे ऊपर रखा, एक परिवार का हिस्सा बनने का फैसला ले पाएगी?