अगर पंख होते
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अगर पंख होते
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
यह एक प्रेरणादायक कविता है जो खुले आसमान में उड़ने की कल्पना को जीवंत करती है। यह प्रकृति की सुंदरता, आज़ादी की चाहत और असीम संभावनाओं को दर्शाती है। लेकिन अंत में यह संदेश देती है कि असली उड़ान पंखों से नहीं, बल्कि हौसले और सपनों से भरी होती है।
लेखक : विजय सांगा
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