यह कविता उन अनसुलझे रिश्तों की दास्तान है, जहाँ प्यार के बीच कभी-कभी तकरार आ जाती है, पर फिर भी एक उम्मीद बनी रहती है कि सब कुछ फिर से ठीक हो सकता है।
पति-पत्नी का रिश्ता लड़ाई और मनमुटाव से भरा हो सकता है, लेकिन उसमें प्यार और समझदारी ही उसे मजबूत बनाए रखती है। यह कविता उन्हीं अनकही भावनाओं को शब्द देने की कोशिश है।