संस्कारों की छांव
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संस्कारों की छांव
दैनिक प्रतियोगिता
छोटी कहानियां
उसकी आवाज़ सुनते ही घर के आँगन में बैठी माँ ने अपनी ममता भरी आँखों से उसकी तरफ देखा। हाथ में रखा पंखा एक पल के लिए रुक गया, और उसकी आँखों में एक चमक उभर आई। उसने जल्दी से लड़के को गले लगाया और माथे पर प्यार से चूम लिया।
: Naaz
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