यह कहानी नेहा नामक लड़की की है, जो राजस्थान के एक छोटे गाँव कन्हैया नगर में रहती थी। उसका बाल विवाह 12 साल की उम्र में गाँव के लड़के अर्जुन से तय कर दिया जाता है। अर्जुन पढ़ाई के लिए विदेश चला जाता है, और नेहा अपने ससुराल में अकेली रहती है। धीरे-धीरे, गाँव की औरतें उसे बताती हैं कि अर्जुन ने उसे भूल लिया है और शायद उसने दूसरी शादी कर ली है, क्योंकि उसके पास कभी भी कोई पत्र या संदेश नहीं आया।